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जिंदगी न मिलेगी दुबारा

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यादों का धुआँ

Posted On: 31 Oct, 2012 में

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tearयादों का धुआँ आज फिर,
मेरी पलकों से कुछ आँसू गिरा गया।


फिर वो भूली यादों का कारवाँ,
मेरे आज से कुछ लम्हे चुरा गया।


आज फिर कुछ लफ़्ज़ मेरे
होंठो तक आकर रुक गए।


Read: पिता के पास लोरियाँ नही होती


फिर कुछ अनकही बातें
सुन लेने को कदम रुक गए।


आज फिर देखता हूँ मुड़कर
शायद कोई  पुकारता हो।


फिर कुछ कदमों के फ़ासले पर
जाकर कदम मुड़ गए।


यादों का धुआँ आज फिर,
न कदमों की आहट सुना गया।


यादों का धुआँ आज फिर,
मेरी पलकों से कुछ आँसू गिरा गया।


Tag: यादे, पलक, आँसू,आहट , Tear, plak, yaad,



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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

seemakanwal के द्वारा
October 31, 2012

बहुत प्यारी गजल .हार्दिक धन्यवाद .

    Lavanya Vilochan के द्वारा
    November 1, 2012

    धन्यवाद ,seemakanwal ji

arunsathi के द्वारा
October 31, 2012

अतिसुन्दर

    Lavanya Vilochan के द्वारा
    November 1, 2012

    धन्यवाद , arunsathi ji


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